Namaste to all, I am a student and want to share some knowledge and fact of history and politics.hope you all guys worth my work and you all forgive me for my kinks.
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Stateको राजनीति के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यह शब्द लैटिन भाषा के शब्द स्टेटस से लिए गया हा जिस का अर्थ है व्यक्ति का सामाजिक स्तर Garner के अनुसार," राजनीति शास्त्र का आरंभ और अंत राज्य से ही होता है।" समाज में शांति एवं व्यवस्था राज्य से ही संभव है। परन्तु आज। भी बहुत सारे लोगो को राज्य का सही अर्थ पता नहीं है। साधारण लोग सरकार और राज्य में कोई अंतर नहीं समझते है।कई बार एक संघके लिए भी राज्य शब्द का प्रयोग किया जाता है,और इस की इकाइयों के लिए भी राज्य संघ का प्रयोग किया जाता है।हम अपने ही देश का उदाहरण ले सकते है,जहा भारत को एक राज्य कहा जाता है।वहीं इसकी इकाइयों को भी जैसे - पंजाब ,हरियाणा,केरल, मध्यप्रदेश आदि को भी राज्य कहा जाता है। जो कि राजनीति के क्षेत्र में गलत माना जाता है। इसी लिए राज्य शब्द का सही अर्थ जानना अत्यंत जरूरी है । राज्य का अर्थ और परिभाषा (meaning and defination of state) राज्य शब्द को अंग्रेजी में स्टेट (state) कहा जाता है।स्टेट शब्द लैटिन भाषा के शब्द स्टेटस से निकला है जिस का अर्थ है व्यक्ति का सामा...
महात्मा बुद्ध का जीवन परिचय,उनकी शिक्षाएं(Biography of lord Buddha) बौद्ध धर्म के सस्थापक महात्मा बुद्ध( Lord Buddha) थे। उनका आरम्भिक नाम सिद्धार्थ था। 29 वर्ष की आयु में वे सच्चे ज्ञान की तलाश में घर छोड़ कर सन्यासी बन गए। उन्हें 35 वर्ष की आयु में बौद्ध गया नामक स्थान पर सर्वोच्च ज्ञान की प्राप्ति हुई। महात्मा बुद्ध जी ने अपना पहला उपदेश सारनाथ नामक स्थान पर दिया।उन्होंने उसके बाद 45 वर्षों तक लगातार भारत देश में अपना ज्ञान लोगो तक पहुंचाया। उनकी सरल शिक्षाओं ने लोगो के में पर जादुई प्रभाव डाला जिस के कारण बड़ी संख्या में लोग उनके अनुयाई बने। उन्होंने चार तत्वों पर प्रभाव डाला जो थे महान सत्य,अष्ट मार्ग,कर्म सिद्धांत,अहिंसा तथा परस्पर भाईचारा।वे याग्यो, बालियो, वेदों , संस्कृत भाषा,तपस्या, जाति प्रथा तथा ईश्वर पर अविश्वास करते थे।वे निर्वाण को मनुष्य के जीवन का परम उद्देश्य मानते थे।महात्मा बुद्ध में अपने अनुयाइयो के संगठित कर के बौद्ध संघ की स्थापना की। इस धर्म ने भारतीय सभ्यता तथा संस्कृति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। महात्मा बुद्ध का जीवन(life of lord Buddha) 1)जन्म तथा म...
जब भी हम अपने इतिहास को झाक कर देखते है तो हमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती है। ऐसा ही एक राजवंश था जो कि ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में उत्पन हुआ था। इस राजवंश का नाम था मौर्य। इस वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य जी थे।उसने इस वंश कि स्थापना 325 ई पूर्व में कि थी। उन्होंने 325 से 298 ई पूर्व तक शासन किया । उस के बाद उनके पुत्र बिन्दुसार जी राजगद्दी पर बैठे उन्होंने 298 से लेकर 273 ई पूर्व तक शासन किया। बिन्दुसार के बाद इस वंश का अगला शासक अशोक बना। जो कि इस वंश का ही नहीं बल्कि दुनिया के महान शासको में गिना जाता है।उन्होंने 269 से लेकर 232 ई पूर्व तक शासन किया। अशोक के बाद अनेक शासक बने परन्तु वे सभी अयोग्य प्रमाणित हुए।जिस कारण वे इस राज वंश को सत्रुओ से नहीं बचा सके। इस वंश का अंतिम शासक वृहद्रत था। इस वंश के शासकों ने पहली बार भारत को एक छत्र करने का प्रयत्न किया जिस में वे सफल भी रहे। इस महान राजवंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य के बारे में हम जानेंगे। चन्द्रगुप्त मौर्य चन्द्रगुप्त मौर्य चन्द्रगुप्त मौर्य की गण...
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