A Broad Survey Of Palolithics, Mesolithic and Neolithic culture in hindi
हैलो फ्रेंड्स मेरा नाम बुनेश ठाकुर है।आज में आप सब को पूर्व पाषाण काल ,मध्य पाषाण काल और नव पाषाण काल के बारे में बताना चाहता हूं।
Hello Friends, my name is Bunesh Thakur. Today I want to tell you about the pre-Stone Age, Middle Stone Age and New Stone Age.
pre-history is the subject which deals with the story of man and everything that concerns him from that dim remote moment when he first emerged from his animals ancestry until the time when the existence of the records leads the investigatior into the realm of history proper।
आदि मानव के काल को हम तीन भागों में विभाजित कर सकते हो जो की इस प्रकार से है-
१)पूरा पाषाण काल।
२)मध्य पाषाण काल।
३)नव पाषाण काल।
१) पूरा पाषाण काल -पूरा पाषाण काल उस समय को कहते हैं मानव का सबसे पहले इस धरती पर जन्म हुआ । ऐसा माना जाता है कि मानव की इस धरती पर सबसे पहले जन्म आज से लगभग २६लाख वर्ष पूर्व माना जाता है।इस समय मानव कृषि से अनभिज्ञ था। वह पशु की भांति जीवन व्यतीत करता था।इस काल में उसे अपनी जान जाने की चिंता लगी रहती थी। इस काल में मानव ने अपने मस्तिष्क का उपयोग कर के अोजार बनाने शुरू कर दिया। परन्तु ये अोजार दिखने में बहुत बड़े ओर भद्दे होते थे।पूरा पाषाण काल संस्कृति की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार ha-
१)काल - पूरा पाषाण काल के बारे में इतिहासकारों में मतभेद है।यह माना जाता है कि पूरा पाषाण काल की शुरुआत आज से लगभग २६लाख वर्ष पूर्व में हुई थी। इस युग में मानव पशु के समान जीवन बिताता था । इस काल के हमें मुख्य स्रोत अफ्रीका यूरोप और एशिया से पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं। स्रोतो ओर जलवायु के आधार पर पूरा पाषाण काल को हम तीन भागों में बांट सकते है । पहला काल २,५०,००० वर्ष पूर्व से लेकर १,००,०००वर्ष पूर्व तक जबकि दूसरा काल ४०,०००वर्ष पूर्व से ले कर के २०,०००वर्ष पूर्व तक तीसरा ओर अंतिम काल २०,०००से लेकर १०,०००ईसवी पूर्व तक।
मध्य पाषाण काल - पूर्व पाषाण काल ओर नव पाषाण काल के मध्य में जो संस्कृति अस्तित्व में आई उस मध्य पाषाण काल के नाम से जाना जाता है।यह संस्कृति ९,०००ईसवी पूर्व से ले कर के ४००० ईसवी पूर्व तक रही।क्युकी ९००० ईसवी पूर्व में हिम युग की अंत हुए जिस के कारण जलवायु में भरी परिवर्तन आए। इस युग में मानव ने विकास की ओर एक ओर कदम रखा।मध्य पाषाण कालीन संस्कृति भारत में भी काफी फैली। इस युग में मानव भोजन तथा शिकार की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घुमा करता था।वह कृषि कार्यों के बारे में अनभिज्ञ था।वह पूरा पाषाण काल की तरह इस युग में भी गुफाओं में रहता था।
नव पाषाण काल - नव पाषाण काल में मानव जीवन में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। इस कार में मानव ने सथ्याई रूप से एक ही जगह पर रहना शुरू कर दिया । मानव ने इस काल में कृषि ओर पशु पालन आदि व्यावसायिक काम करने शुरू कर दिए। इस काल से हमें सुंदर ओर पॉलिशिंग किए गए हथियार प्राप्त हुए हैं,जो कि हलके होते थे तथा उन के आसानी से शिकार किया जा सकता था।इस युग में मानव में आग ओर पहिए का भी आविष्कार किया जिसने मानव जीवन को एक नई दिशा प्रदान की। नव पाषाण काल आज से लगभग ७०००ईस्वी पूर्व से लेकर के २५००ईस्वी पूर्व तक बनी रही।
हेल्लो फ्रेंड्स I hope आप को मेरा यह ब्लॉग पसंद आया होगा।
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